Tuesday, December 4, 2018

सैमसंग और वेरिजॉन मिलकर लॉन्च करेगी 5G स्मार्टफोन, 2019 के शुरुआती 6 महीनों में आ जाएगा

दक्षिण कोरियाई कंपनी सैमसंग और अमेरिकी टेलीकॉम कंपनी वेरिजॉन ने सोमवार को 5G फोन को लाने की घोषणा कर दी। इस फोन को 2019 के शुरुआती 6 महीनों में लॉन्च कर दिया जाएगा, हालांकि शुरू में इसे सिर्फ अमेरिका में ही बेचा जाएगा। दोनों कंपनियां इसी हफ्ते हवाई में होने वाली 'क्वालकॉम स्नैपड्रैगन टेक्नोलॉजी समिट' में 5G फोन का कॉन्सेप्ट पेश कर सकती हैं।

ये स्मार्टफोन क्वालकॉम स्नैपड्रैगन मोबाइल प्लेटफॉर्म पर काम करेगा, जिसमें स्नैपड्रैगन एक्स 50 5G एनआर मोडेम और एंटीना मॉड्यूल्स होगा।

4G से कई गुना ज्यादा मिलेगी स्पीड
5G मोबिलिटी सर्विस से काफी ज्यादा बैंडविड्थ और फास्ट कनेक्टिविटी मिलेगी और जब ये पूरी तरह शुरू हो जाएगा तो यूजर्स को मौजूदा 4G LTE नेटवर्क से कई गुना ज्यादा तेज डाउनलोडिंग स्पीड मिलेगी।

वेरिजॉन में वायरलैस डिवाइस एंड प्रोडक्ट मार्केटिंग के वाइस प्रेसिडेंट ब्रेन हिग्गिंस ने बताया कि '5G फोन मोबाइल कनेक्टिविटी के नए दौर में ले जाएगा। इससे यूजर्स को डेटा कनेक्ट करने का ऐसा अनुभव मिलेगा, जिसके बारे में कभी सोचा भी नहीं गया था।'

वहीं सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स में मोबाइल प्रोडक्ट स्ट्रैटजी एंड मार्केटिंग के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट जस्टिन डेनिसन का कहना है कि 'हम वेरिजॉन और क्वालकॉम टेक्नोलॉजी के साथ मिलकर ऐसा स्मार्टफोन लाने जा रहे हैं जो लोगों के जीने और काम करने का तरीका बदल देगा।'

गैलेक्सी S10 के प्रीमियम मॉडल में भी मिलेगा 5G सपोर्ट
हाल ही में वॉल स्ट्रीट जर्नल ने एक रिपोर्ट छापी थी जिसमें दावा किया गया था कि फरवरी में गैलेक्सी-एस सीरीज की 10वीं सालगिरह पर सैमसंग Galaxy S10 के चार मॉडल लॉन्च करेगी, जिसमें एक प्रीमियम मॉडल भी होगा।

रिपोर्ट के मुताबिक, इस प्रीमियम मॉडल को 'Beyond X' के नाम से लॉन्च किया जा सकता है जिसमें 5G कनेक्टिविटी का सपोर्ट मिल सकता है।

इससे पहले इस फोन की कुछ तस्वीरें लीक हुई थीं, जिसके मुताबिर इसके फ्रंट पैनल पर फुल स्क्रीन डिस्प्ले मिल सकता है। यानी कि इसमें किसी भी तरह का नॉच या बैजल नहीं मिलेगा। 
वहीं रियर पैनल पर ट्रिपल कैमरा होने के साथ-साथ दूसरा डिस्प्ले मिलेगा। इसके साथ ही इसमें फ्रंट में इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट सेंसर मिलने की भी उम्मीद है।

Nubia X की तरह ही होगा इसका डिजाइन : चीन में हाल ही में ड्युअल स्क्रीन वाला फोन Nubia X लॉन्च किया है और इसकी तरह ही डिजाइन वीवो के फोन में भी मिल सकती है। Nubia X में भी फ्रंट कैमरा नहीं है और रियर कैमरे का इस्तेमाल ही सेल्फी लेने के लिए किया जाता है। वीवो के फोन में भी इसी तरह का कॉन्सेप्ट रहेगा।

Tuesday, November 13, 2018

बीबीसी करेगी 2019 के लोकसभा चुनावों के दौरान रियलिटी चेक

बीसी के दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम #BeyondFakeNews में बीबीसी के महानिदेशक टोनी हॉल ने फ़ेक न्यूज़ को पत्रकारिता जगत की सबसे बड़ी समस्याओं में से एक बताया है.

उन्होंने इससे निपटने के लिए समाचार प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया.

भारत के सात शहरों में सोमवार को बीबीसी के #BeyondFakeNews कार्यक्रम हुए. दिल्ली के कार्यक्रम में बीबीसी के महानिदेशक टोनी हॉल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिये शामिल हुए.

टोनी हॉल ने भारत में फेक न्यूज़ के ख़िलाफ बीबीसी की मुहिम की सराहना की.

उन्होंने कहा, "बीबीसी भारत के शहरों में जो काम कर रहा है, उससे लोग फ़ेक न्यूज़ के बारे में जागरूक हो रहे हैं. नौजवान फ़ेक न्यूज़ के विचार को अच्छे से समझें, यह सुनिश्चित करने के लिए इसकी ख़ासी अहमियत है, ताकि वे अपने माता-पिता और बाक़ी लोगों को इस बारे में बता सकें कि किन ख़बरों पर यक़ीन नहीं करना है. यह हमारे और हमारे लोकतंत्र के लिए बहुत महत्वपूर्ण है. मैं आपके काम की भूरि-भूरि प्रशंसा करता हूं.

विशेषज्ञ पत्रकारों की अहमियत'

टोनी हॉल ने स्कूली छात्र-छात्राओं के फ़ेक न्यूज़ से जुड़े सवालों के भी जवाब दिए. एक छात्र ने उनसे पूछा कि लंदन में और वैश्विक स्तर पर बीबीसी फ़र्ज़ी ख़बरों से कैसे निपटता है?

टोनी हॉल ने कहा कि वह पत्रकारिता में विशेषज्ञता के हिमायती हैं और चाहते हैं कि दुनिया भर में पत्रकार अर्थव्यवस्था, व्यापार, परिवहन, राजनीति या अलग-अलग विषयों के विशेषज्ञ हों.

उन्होंने कहा, "उन पत्रकारों को अच्छे से पता होता है कि अपने विषय पर लोगों से कैसे बात करनी है कि वे तथ्यों पर भरोसा करें. ये पत्रकारिता का थोड़ा पुराना तरीक़ा है, लेकिन बहुत मायने रखता है."

बीबीसी के महानिदेशक ने कहा कि दुनियाभर में फ़ील्ड पर अपने संवाददाताओं के होने का बहुत फ़ायदा मिलता है.

फ़ेक न्यूज़ से निपटने के संबंध में तीसरा उपाय बताते हुए उन्होंने कहा, "पत्रकारों को इस काम पर लगाना कि वे जनता को बताएं कि क्या सच है और क्या झूठ. लंदन में हमारा एक कार्यक्रम है, 'रियलिटी चेक' नाम से, जिसे हम पूरी दुनिया में शुरू करना चाहते हैं. इसका मक़सद ये है कि कहीं से कोई दावा किया जा रहा हो तो क्या हम उस दावे की सत्यता जांच सकते हैं?"

टोनी हॉल ने एक उदाहरण देते हुए बताया, "हाल ही में हमारे शानदार कार्यक्रम 'अफ्रीका आई' ने एक ऐसे मामले की पड़ताल की जिसमें कैमरून के सैनिकों ने दो ग्रामीण महिलाओं और बच्चों की गोली मारकर हत्या कर दी थी. कैमरून सरकार ने पहले इससे इनकार किया. लेकिन फिर लगातार डेटा पर काम करते हुए हमने साबित किया कि वे हत्याएं वाक़ई हुईं थीं और हमने कैमरून के सैनिकों की उसमें संलिप्तता के तथ्य भी पेश किए. मुझे लगता है कि इस तरह की पत्रकारिता बहुत महत्वपूर्ण है."

इसके अलावा उन्होंने ज़ोर दिया कि फे़क न्यूज़ के बारे में ज़्यादा से ज़्यादा बात की जाए और स्कूलों-विश्वविद्यालयों के स्तर पर इस संबंध में चर्चा और बहसें हों. ताकि लोग किसी भी बात पर यक़ीन करने से पहले सोचें.